परीक्षा के लिए हिंदी टाइपिंग की रफ़्तार कैसे बढ़ाएँ: चार हफ़्ते की योजना
ज़्यादातर उम्मीदवार तेज़ टाइप करके तेज़ होने की कोशिश करते हैं। यह सबसे धीमा रास्ता है। हिंदी टाइपिंग में रफ़्तार शुद्धता से, सबसे ज़्यादा समय खाने वाले कुछ बटनों से, और सहनशक्ति से आती है - इसी क्रम में।
लेखक: MyKrutiDev टीमअपडेट:
टूल खोलें: SSC, CPCT और कोर्ट परीक्षाओं के लिए हिंदी टाइपिंग टेस्ट
1. तेज़ होने से पहले साफ़ बनें
उतनी रफ़्तार से टाइप करें जिस पर शुद्धता 95% से ऊपर रहे, भले ही वह बेहद धीमी लगे। हर गलती दो बार महँगी पड़ती है: गलत बटन, और फिर उसका सुधार या उसकी सज़ा। परीक्षा नेट रफ़्तार गिनती है, इसलिए सधा हुआ साफ़ 28 WPM लापरवाह 35 से बेहतर है। एक हफ़्ते तक शुद्धता टिकी रहे, तो रफ़्तार बिना पीछे पड़े आ जाती है।
2. हाथों को देखना बंद करें
हर बार नीचे देखने पर पैराग्राफ़ में आपकी जगह छूटती है और लय टूटती है। कीबोर्ड चार्ट स्क्रीन के पास रखें, या टाइपिंग ट्यूटर का स्क्रीन वाला कीबोर्ड इस्तेमाल करें, जो अगला बटन और उसे दबाने वाली उँगली दिखाता है।
3. सबसे महँगे बटनों का अभ्यास करें
कृतिदेव में कुछ अक्षर लगभग सबको धीमा करते हैं:
- ि की मात्रा, जो व्यंजन से पहले टाइप होती है (कि के लिए
fd)। बोलने वाला क्रम भूलने के लिए सोच-समझकर अभ्यास चाहिए। - दो बटन वाले अक्षर - भ, श, ष, ण, ध, ख, घ, झ, थ - हर एक आधा रूप और ा की पाई।
- रेफ़, जो अक्षर के बाद टाइप होता है (कर्म के लिए
deZ)। - Shift वाले अक्षर, जिनमें Shift दूसरे हाथ की छोटी उँगली से दबता है।
हर टेस्ट के बाद नतीजे में "जिन बटनों में सबसे ज़्यादा गलती हुई" देखें और दस मिनट सिर्फ़ उन पर लगाएँ।
4. परीक्षा जितनी अवधि पर सहनशक्ति बनाएँ
10 मिनट का टेस्ट 1 मिनट की दौड़ से अलग हुनर है। जो टाइपिस्ट एक मिनट तक आराम से टाइप करते हैं, वे अक्सर आठवें मिनट तक थक जाते हैं। आखिरी हफ़्तों में रोज़ कम से कम एक टेस्ट अपनी परीक्षा की पूरी अवधि का दें - यहाँ के टेस्ट 1 मिनट से 2 घंटे तक के हैं, और बीच में रुकना पड़े तो घड़ी रोकी जा सकती है।
- हफ़्ता 1: शुद्धतापाठ 1-6, जब तक हर पाठ पास न हो। अभी कोई टाइम टेस्ट नहीं। किसी भी रफ़्तार पर 95%+ शुद्धता का लक्ष्य।
- हफ़्ता 2: कठिन बटनपाठ 7-8 (दो बटन वाले अक्षर, संयुक्त अक्षर), फिर 5 मिनट के टेस्ट। सबसे ज़्यादा गलत होने वाले बटन लिख लें।
- हफ़्ता 3: परीक्षा जितनी अवधिरोज़ एक टेस्ट आपकी परीक्षा की पूरी अवधि का, साथ में 10 मिनट गलत बटनों पर।
- हफ़्ता 4: परीक्षा जैसी स्थितिपूरी अवधि के टेस्ट, हाथ देखे बिना और बिना सुधारे, उसी समय पर जब आपकी परीक्षा है।
5. थोड़ा-थोड़ा, रोज़
रोज़ तीस मिनट, रविवार के चार घंटों से बेहतर हैं। उँगलियों की याददाश्त अभ्यास के बीच पक्की होती है, अभ्यास के दौरान नहीं, इसलिए रोज़ का अभ्यास ऐसे जुड़ता है जैसे हफ़्ते के आखिर की लंबी बैठकें नहीं जुड़तीं। हर नतीजा प्रगति लॉग में लिखें। बढ़ती लाइन देखना ही ज़्यादातर लोगों को टिकाए रखता है।
6. परीक्षा जैसी स्थिति का अभ्यास
- परीक्षा वाला लेआउट ही इस्तेमाल करें। नोटिफ़िकेशन देखें: कृतिदेव यानी रेमिंगटन और Mangal आमतौर पर इनस्क्रिप्ट।
- गलतियाँ सुधारकर भी और बिना सुधारे भी अभ्यास करें, क्योंकि बैकस्पेस पर परीक्षाओं के नियम अलग हैं।
- परीक्षा केंद्र जैसी कुर्सी और मेज़ पर बैठें: पैर ज़मीन पर, कलाइयाँ सीधी, स्क्रीन आँखों की ऊँचाई पर।
- परीक्षा के दिन घड़ी शुरू होने से पहले पहली लाइन पढ़ लें, फिर चलते रहें: एक छूटा शब्द टूटी लय से सस्ता है।
7. अपनी मेज़ एक बार ठीक से जमाएँ
रफ़्तार आराम पर लोगों की सोच से ज़्यादा निर्भर है। ऐसे बैठें कि कोहनियाँ कीबोर्ड की ऊँचाई पर और समकोण पर मुड़ी हों, कलाइयाँ मेज़ के किनारे पर टिकने की जगह सीधी रहें, और स्क्रीन आँखों की ऊँचाई पर हो ताकि पूरे समय नीचे न देखना पड़े। उँगलियाँ होम रो पर हल्के से टिकाएँ - a s d f और j k l ; - और हर बटन के बाद उन्हें वहीं लौटने दें। अभ्यास के हर 20-30 मिनट बाद छोटा आराम लें।
वे भ्रम जो उम्मीदवारों का समय खाते हैं
- "पहले दिन से तेज़ टाइप करो।" गलतियों के साथ अभ्यास की गई रफ़्तार गलतियों को आदत बना देती है।
- "सिर्फ़ लंबे पैराग्राफ़ मायने रखते हैं।" कमज़ोर बटनों पर छोटे, केंद्रित अभ्यास रफ़्तार जल्दी बढ़ाते हैं, जबकि लंबे टेस्ट सहनशक्ति बनाते हैं। दोनों चाहिए।
- "कीबोर्ड लेआउट से फ़र्क नहीं पड़ता।" यही एक चीज़ है जो परीक्षा के दिन बदली नहीं जा सकती। वही सीखें जो आपकी परीक्षा में लिखा है।
- "हिंदी WPM अंग्रेज़ी WPM जैसी ही है।" कृतिदेव में कई अक्षरों के लिए दो या तीन बटन लगते हैं, इसलिए उसी WPM में कम हिंदी शब्द आते हैं। अपनी प्रगति हिंदी पैराग्राफ़ पर नेट WPM से आँकें।
जब तैयार हों, तो परीक्षा वाले टाइपिंग टेस्ट पर समय नापें, जो बताता है कि SSC, CPCT और कोर्ट परीक्षाएँ रफ़्तार कैसे गिनती हैं।